
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की सियासत और जुर्म की दुनिया से जुड़ी सबसे चर्चित अदावतों में से एक, धनंजय सिंह बनाम अभय सिंह प्रकरण में आज इंसाफ की घड़ी आ गई है। वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट (विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह) आज दोपहर 2:00 बजे इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।
आज की बड़ी बातें:
फैसले के मद्देनजर कचहरी परिसर के बाहर और भीतर भारी पुलिस बल तैनात है। 2 IPS, 3 ACP और 350 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ PAC की एक कंपनी मोर्चा संभाले हुए है। कोर्ट में वादी पूर्व सांसद धनंजय सिंह और मुख्य आरोपी विधायक अभय सिंह के साथ एमएलसी विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी और अन्य आरोपियों के उपस्थित रहने की प्रबल संभावना है।
*ऐतिहासिक मामला*
यह मामला साल 2002 का है, जब नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास धनंजय सिंह के काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग हुई थी।
*क्या था मामला? (पृष्ठभूमि)*
4 अक्टूबर 2002 को तत्कालीन निर्दलीय विधायक धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ जौनपुर लौट रहे थे। आरोप है कि नदेसर इलाके में बोलेरो सवार हमलावरों ने उनके काफिले को घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और ड्राइवर समेत कई लोग लहूलुहान हुए थे। धनंजय सिंह ने इस मामले में अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी अभय सिंह और उनके साथियों को नामजद किया था।
*फैसले पर टिकी निगाहें*
दोनों पक्षों की लंबी कानूनी जिरह और लिखित दलीलें पूरी हो चुकी हैं। आज आने वाला फैसला न केवल 24 साल पुराने विवाद का अंत करेगा, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति के कई समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
न्यूज़ अड्डा “ब्रेकिंग न्यूज” वाराणसी
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