
वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय), प्रवीण कुमार की अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में बहन व दो भाई समेत तीन आरोपितों को बड़ी राहत मिल गई। लहरतारा, मंडुवाडीह निवासी रानिका जायसवाल उसका भाई विकाश जायसवाल और चंदन जायसवाल को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक कुमार दुबे ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार डी. 65/252 व डी 65/253 के. लहरतारा निवासी वादिनी गीता जायसवाल ने मंडुवाडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 15 अगस्त 2021 को दोपहर 1 बजे के आस-पास उसके घर के अंदर रानिका जायसवाल व उनका पुत्र स्पर्श जायसवाल व रानिका का भाई विकाश जायसवाल अपने 10-12 लोगो के साथ घर में घुस कर उसके हिस्से के गोदाम में रखे माल को जबरदस्ती हटाने लगे उसके द्वारा विरोध करने पर सारे लोग लामबंद होकर उसे व उसके परिवार के लोगो को बहुत बुरी तरीके से मारने पीटने व उसकी बेटी के साथ भी गलत व्यवहार करने लगे। चूंकि प्रार्थनीय का मुकदमा (संपत्ति बंटवारा) न्यायालय में चल रहा है, लेकिन विपक्षीगण अपने धन व पहुंच का नाजायज फायदा उठा कर उसके व उसके परिवार के ऊपर मानसिक दबाव बना रहे हैं तथा जान से मरने की धमकी दे रहे हैं।
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